Utility Explained: भारत में LPG सप्लाई पर वैश्विक तनाव का असर देखने को मिल रहा है। ऐसे में सरकार अब तेजी से लोगों को PNG (Piped Natural Gas) की ओर शिफ्ट करने पर जोर दे रही है। लेकिन सवाल यह है कि आखिर PNG कनेक्शन कितना महंगा है और क्या यह आम लोगों के लिए फायदेमंद है? आइए आसान भाषा में समझते हैं।
LPG vs PNG: क्या है बड़ा अंतर?
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LPG (Liquefied Petroleum Gas) सिलेंडर में आती है, जिसमें प्रोपेन/ब्यूटेन गैस होती है
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PNG (Piped Natural Gas) पाइपलाइन के जरिए घर तक पहुंचती है और इसमें मीथेन गैस होती है
मुख्य अंतर:
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LPG खत्म होने पर तुरंत दिक्कत
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PNG में 24×7 सप्लाई
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PNG ज्यादा सुरक्षित, क्योंकि लीक होने पर हवा में जल्दी फैल जाती है
भारत में PNG की उपलब्धता कितनी?
भारत अपनी LPG का लगभग 60% आयात करता है, जबकि PNG की सप्लाई:
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घरेलू गैस उत्पादन (जैसे ONGC, Reliance Industries)
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LNG आयात
सरकार के अनुसार, घरेलू जरूरतों के लिए फिलहाल पर्याप्त गैस उपलब्ध है।
PNG को बढ़ावा क्यों दे रही सरकार?
सरकार के PNG पर जोर देने के पीछे कई कारण हैं:
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ज्यादा सुरक्षित ईंधन
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लगातार सप्लाई (नो सिलेंडर झंझट)
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मीटर के हिसाब से बिल, यानी जितना उपयोग उतना भुगतान
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कम प्रदूषण, पर्यावरण के लिए बेहतर
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कालाबाजारी की संभावना लगभग खत्म
पाइपलाइन बिछाने में कितना खर्च?
PNG इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना सस्ता नहीं है:
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स्टील पाइपलाइन: करीब ₹1 करोड़ प्रति किलोमीटर
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MDPE (प्लास्टिक) पाइपलाइन: करीब ₹15 लाख प्रति किलोमीटर
असली लागत लोकेशन, प्रोजेक्ट और क्षमता पर निर्भर करती है। (Utility Explained)
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घरेलू PNG कनेक्शन का खर्च कितना?
जैसे Indraprastha Gas Limited के अनुसार:
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नया कनेक्शन: लगभग ₹5,000 – ₹7,000
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इसमें सिक्योरिटी डिपॉजिट + इंस्टॉलेशन शामिल
खास बातें:
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EMI ऑप्शन भी उपलब्ध
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कम रकम देकर रोजाना ₹1 + GST जैसे छोटे चार्ज में भी कनेक्शन संभव
LPG के मुकाबले PNG के फायदे
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बार-बार सिलेंडर बुकिंग की जरूरत नहीं
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ज्यादा सुरक्षित
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खर्च पर बेहतर नियंत्रण
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पर्यावरण के लिए बेहतर विकल्प














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