हेल्थ डेस्क – वजन कम करने और कैलोरी गिनने की होड़ में लोग जिस पोषक तत्व को सबसे ज्यादा नजरअंदाज कर रहे हैं, वह है प्रोटीन। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रोटीन की कमी अब सिर्फ कुपोषण तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह लाइफस्टाइल से जुड़ी एक ‘साइलेंट हेल्थ प्रॉब्लम’ बनती जा रही है।
प्रोटीन शरीर की मांसपेशियों, हड्डियों, इम्यून सिस्टम और टिश्यू रिपेयर की बुनियाद है। इसकी कमी शरीर में धीरे-धीरे गंभीर समस्याएं पैदा कर सकती है।
🔹 मांसपेशियों और हड्डियों पर सीधा असर
अगर शरीर को पर्याप्त प्रोटीन नहीं मिलता, तो वह अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए मांसपेशियों को तोड़ना शुरू कर देता है। इससे—
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मांसपेशियों की ताकत कम होने लगती है
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शरीर ढीला और कमजोर दिखने लगता है
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हड्डियों का घनत्व घटता है
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फ्रैक्चर और चोट का खतरा बढ़ जाता है
🔹 त्वचा, बाल और नाखून देते हैं शुरुआती संकेत
प्रोटीन की कमी के सबसे पहले लक्षण बाहरी रूप में दिखाई देते हैं—
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बाल पतले होकर झड़ने लगते हैं
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नाखून कमजोर और जल्दी टूटने लगते हैं
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त्वचा रूखी, फटी और बेजान दिखती है
यह संकेत बताते हैं कि शरीर के ऊतकों तक पोषण सही से नहीं पहुंच रहा।
🔹 सूजन (Edema) और फैटी लिवर का खतरा
गंभीर मामलों में प्रोटीन की कमी से खून में एल्ब्यूमिन नामक प्रोटीन घट जाता है, जिससे—
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पैरों, हाथों और पेट में सूजन आ सकती है
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शरीर में पानी जमा होने लगता है
इसके अलावा, लिवर में चर्बी जमा होने से फैटी लिवर की समस्या हो सकती है, जो आगे चलकर गंभीर लिवर रोग का कारण बन सकती है।
🔹 बार-बार भूख लगना, थकान और कमजोर इम्यूनिटी
अगर आपको—
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बार-बार भूख लगती है
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मीठा खाने की तीव्र इच्छा होती है
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हर समय थकान रहती है
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चोट या घाव भरने में देर लगती है
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बार-बार संक्रमण होता है
तो यह प्रोटीन की कमी का संकेत हो सकता है। प्रोटीन शरीर को लंबे समय तक एनर्जी देता है और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है।
🔹 बच्चों और बड़ों—दोनों के लिए जरूरी
पोषण विशेषज्ञों के अनुसार—
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बच्चों की ग्रोथ
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बड़ों की ताकत और कार्यक्षमता
दोनों के लिए पर्याप्त प्रोटीन बेहद जरूरी है।
👉 एक वयस्क को रोजाना अपने शरीर के वजन के प्रति किलो कम से कम 0.8 ग्राम प्रोटीन लेना चाहिए।
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प्रोटीन की कमी कैसे दूर करें?
अपनी रोजाना डाइट में शामिल करें—
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दालें और चना
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अंडे
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दूध, दही और पनीर
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मांस और मछली
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नट्स और बीज
संतुलित आहार ही लंबे समय तक स्वस्थ रहने की कुंजी है।















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