JEE Advanced 2026 Exam Pattern: IITs और NITs में दाखिले की तैयारी कर रहे लाखों छात्रों के लिए JEE Advanced 2026 से जुड़ी अहम खबर सामने आई है। जेईई एडवांस्ड के परीक्षा पैटर्न में बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है। इसका मकसद छात्रों की कोचिंग पर निर्भरता कम करना और परीक्षा को ज्यादा फेयर, स्किल-बेस्ड और कम तनावपूर्ण बनाना है। यह प्रस्ताव केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता में हुई IIT काउंसिल की बैठक में मंजूर किया गया। बैठक अगस्त 2025 में हुई थी, जिसके आधिकारिक मिनट्स अब जारी किए गए हैं।
क्यों बदलेगा JEE Advanced का पैटर्न?
IIT काउंसिल ने माना कि मौजूदा सिस्टम में कोचिंग इंडस्ट्री का प्रभाव बहुत बढ़ गया है।
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परिवारों पर आर्थिक और मानसिक दबाव
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छात्रों पर अनावश्यक परीक्षा तनाव
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रट्टा आधारित तैयारी को बढ़ावा
इन्हीं समस्याओं को देखते हुए JEE Advanced को ज्यादा एप्टीट्यूड-आधारित बनाने की योजना है।
JAB और IIT कानपुर बनाएंगे नया रोडमैप
इस बदलाव को लागू करने की जिम्मेदारी Joint Admission Board (JAB) और IIT कानपुर की एक्सपर्ट कमेटी को सौंपी गई है।
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चरणबद्ध तरीके से नया एग्जाम फ्रेमवर्क तैयार होगा
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पैटर्न बदलाव से पहले विस्तृत स्टडी की जाएगी
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अभी कमेटी ने औपचारिक रूप से काम शुरू नहीं किया है
क्या है Adaptive Testing System?
JEE Advanced 2026 में Adaptive Test Pattern लाने पर विचार किया जा रहा है।
Adaptive Test कैसे काम करता है?
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परीक्षा आसान सवालों से शुरू होती है
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सही जवाब देने पर सवालों का स्तर धीरे-धीरे बढ़ता है
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हर स्टूडेंट के लिए अलग-अलग कठिनाई स्तर तय होता है
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सवाल रियल-टाइम में स्टूडेंट की क्षमता के अनुसार बदलते हैं
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इसका फायदा क्या होगा?
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रट्टा नहीं, असल समझ और एप्टीट्यूड की जांच
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कोचिंग का फायदा सीमित होगा
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टैलेंट आधारित सेलेक्शन को बढ़ावा (JEE Advanced 2026 Exam Pattern)
कोचिंग पर निर्भरता कैसे होगी कम?
एक्सपर्ट्स के अनुसार—
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कोचिंग सिर्फ सवाल हल करने की रणनीति सिखा सकती है
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लेकिन Adaptive Testing जन्मजात क्षमता और सोचने की ताकत को परखती है
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इससे सभी छात्रों को बराबरी का मौका मिलेगा
JEE Advanced से पहले होगा Adaptive Mock Test
IIT काउंसिल ने सुझाव दिया है कि पैटर्न बदलने से पहले डेटा कलेक्शन जरूरी है।
मॉक टेस्ट की खास बातें
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पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर आयोजित होगा
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JEE Advanced 2026 से लगभग 2 महीने पहले
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पूरी तरह ऑप्शनल होगा
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इससे नए पैटर्न की व्यवहारिकता जांची जाएगी
छात्रों के लिए क्या मायने रखता है यह बदलाव?
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परीक्षा ज्यादा स्किल और एप्टीट्यूड बेस्ड होगी
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सिर्फ कोचिंग पर निर्भर छात्रों को झटका लग सकता है
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कॉन्सेप्ट क्लियर करने वाले छात्रों को फायदा
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लॉन्ग टर्म में सिस्टम ज्यादा पारदर्शी बनेगा














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