Insurance Tips: आज के समय में क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस गंभीर बीमारी के दौरान आर्थिक सुरक्षा का मजबूत सहारा होता है। लेकिन कई बार पॉलिसीधारकों को तब झटका लगता है, जब बीमा कंपनी उनका क्लेम खारिज (Claim Rejected) कर देती है।
हालांकि, क्लेम रिजेक्ट होने का मतलब यह नहीं कि आपका दावा गलत ही है। सही प्रक्रिया और दस्तावेजों के जरिए इस फैसले को बदला भी जा सकता है। आइए जानते हैं कि अगर आपकी बीमा कंपनी ने क्लेम ठुकरा दिया है, तो आपको क्या-क्या कदम उठाने चाहिए।
1. सबसे पहले पॉलिसी की शर्तें ध्यान से पढ़ें
क्लेम रिजेक्ट होने के बाद पहला और सबसे जरूरी कदम है Insurance Policy Document को दोबारा ध्यान से पढ़ना।
जांचें कि:
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आपकी बीमारी पॉलिसी में कवर की गई है या नहीं
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क्रिटिकल इलनेस की सूची में उस बीमारी का नाम शामिल है या नहीं
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पॉलिसी में दी गई मेडिकल शर्तें पूरी हुई हैं या नहीं
कई मामलों में देखा गया है कि बीमारी पॉलिसी में शामिल होती है, लेकिन गलत जानकारी या अधूरे दस्तावेजों की वजह से क्लेम खारिज कर दिया जाता है।
2. मजबूत मेडिकल सबूत जुटाएं
अगर पॉलिसी की शर्तें आपके पक्ष में हैं, तो मेडिकल डॉक्यूमेंट्स आपकी सबसे बड़ी ताकत बनते हैं।
इन दस्तावेजों को जरूर इकट्ठा करें:
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अस्पताल में भर्ती होने की रिपोर्ट
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इलाज कर रहे डॉक्टर का सर्टिफिकेट
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जांच और लैब रिपोर्ट
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बीमारी की गंभीरता और अवधि से जुड़े रिकॉर्ड
जितने साफ और स्पष्ट सबूत होंगे, आपका केस उतना मजबूत होगा।
3. बीमा कंपनी की Grievance Team में शिकायत करें
अगर क्लेम रिजेक्ट हो गया है, तो अगला कदम है बीमा कंपनी की ग्रिवांस रेड्रेसल सेल में लिखित शिकायत दर्ज करना।
शिकायत में:
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पॉलिसी की संबंधित शर्तों का हवाला दें
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क्लेम रिजेक्ट होने का कारण लिखें
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सभी मेडिकल और पॉलिसी दस्तावेज अटैच करें
कई बार इस स्तर पर ही क्लेम दोबारा रिव्यू होकर मंजूर हो जाता है। (Insurance Tips)
4. इंश्योरेंस ओम्बड्समैन से लें मुफ्त मदद
अगर बीमा कंपनी से समाधान नहीं मिलता, तो आप Insurance Ombudsman के पास जा सकते हैं।
यह प्रक्रिया:
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पूरी तरह मुफ्त होती है
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आम उपभोक्ता के लिए आसान होती है
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पॉलिसी शर्तों और मेडिकल सबूतों की निष्पक्ष जांच होती है
कई मामलों में ओम्बड्समैन ने बीमा कंपनियों को ग्राहक के पक्ष में क्लेम भुगतान करने का आदेश दिया है।
5. ओम्बड्समैन के फैसले से मिल सकता है पूरा क्लेम
एक मामले में ओम्बड्समैन ने पाया कि:
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बीमारी पॉलिसी में कवर थी
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डॉक्टर के सर्टिफिकेट से गंभीर स्थिति की पुष्टि हुई
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बीमा कंपनी ठोस सबूत पेश नहीं कर पाई
इसके बाद ओम्बड्समैन ने बीमा कंपनी को पूरी क्लेम राशि नॉमिनी को देने का आदेश दिया।
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इससे क्या सीख मिलती है?
इस तरह के मामलों से साफ है कि:
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पॉलिसी को समझना बेहद जरूरी है
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मेडिकल डॉक्यूमेंट्स पूरे रखें
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सही समय पर सही मंच पर शिकायत करें
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क्लेम रिजेक्ट होने पर हार न मानें
अक्सर कानून और पॉलिसी की शर्तें ग्राहक के पक्ष में होती हैं, बस जरूरत होती है सही जानकारी और धैर्य की।












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