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Indian Currency: भारतीय नोटों पर महात्मा गांधी की तस्वीर कैसे आई? क्या इसे बदला जा सकता है? जानिए पूरा इतिहास और सच्चाई…

Indian Currency: भारतीय नोटों पर महात्मा गांधी की तस्वीर कैसे आई? क्या इसे बदला जा सकता है? जानिए पूरा इतिहास और सच्चाई...

Indian Currency: भारतीय करेंसी नोटों पर महात्मा गांधी की तस्वीर को लेकर एक बार फिर सियासी बहस तेज हो गई है। CPI के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास के बयान के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या भारतीय नोटों से गांधीजी की तस्वीर हटाई जा सकती है? और अगर नहीं, तो आखिर गांधीजी की तस्वीर नोटों पर क्यों और कैसे आई? आइए जानते हैं पूरी सच्चाई, इतिहास और नियम।

नोटों से गांधीजी की तस्वीर हटाने का विवाद क्यों उठा?

मनरेगा के नाम बदलने को लेकर चल रही राजनीति के बीच CPI सांसद जॉन ब्रिटास ने दावा किया कि केंद्र सरकार भारतीय नोटों से महात्मा गांधी की तस्वीर हटाने पर विचार कर रही है। उनके मुताबिक, गांधीजी की जगह देश की विरासत से जुड़े अन्य प्रतीकों को शामिल करने को लेकर उच्च स्तर पर शुरुआती चर्चा हो चुकी है। हालांकि, RBI पहले ही इस तरह की खबरों को अफवाह बता चुका है। बावजूद इसके, इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।

क्या पहले भी गांधीजी की तस्वीर हटाने की मांग उठी है?

हाँ। यह मांग कोई नई नहीं है।
समय-समय पर अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने नोटों पर अन्य महापुरुषों या देवी-देवताओं की तस्वीर छापने की मांग की है।

पहले उठ चुकी प्रमुख मांगें:

  • लक्ष्मी-गणेश की तस्वीर (अरविंद केजरीवाल, सुब्रमण्यम स्वामी)

  • डॉ. भीमराव अंबेडकर

  • सरदार वल्लभभाई पटेल

  • डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम

  • नेताजी सुभाष चंद्र बोस (अखिल भारतीय हिंदू महासभा)

आखिर महात्मा गांधी को ही क्यों चुना गया?

आजादी के बाद लंबे समय तक भारतीय नोटों पर अशोक स्तंभ जैसे राष्ट्रीय प्रतीक छापे जाते थे। जब नोटों पर किसी व्यक्ति की तस्वीर लगाने का विचार आया, तब सरकार और RBI के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी — सर्वमान्य चेहरा चुनना

महात्मा गांधी को इसलिए चुना गया क्योंकि:

  • वे किसी एक विचारधारा या वर्ग तक सीमित नहीं थे

  • पूरे देश में उनकी स्वीकार्यता थी

  • वे भारत के नैतिक मूल्यों और स्वतंत्रता संघर्ष के प्रतीक थे

RBI की समिति ने क्या फैसला दिया था?

नवंबर 2014 में तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संसद में बताया था कि RBI की एक समिति ने इस मुद्दे पर विस्तार से विचार किया था।

समिति का निष्कर्ष साफ था:

“महात्मा गांधी से बेहतर कोई भी व्यक्ति भारत के चरित्र, मूल्यों और पहचान का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकता।”

इसी आधार पर गांधीजी की तस्वीर को बनाए रखने का फैसला लिया गया। (Indian Currency)

क्या मौजूदा नियमों में गांधीजी की तस्वीर बदली जा सकती है?

सीधा जवाब: नहीं।

वर्तमान व्यवस्था और RBI की नीति के तहत गांधीजी की जगह किसी और की तस्वीर लगाना लगभग असंभव है। इसके लिए:

  • RBI बोर्ड की सिफारिश

  • केंद्र सरकार की मंजूरी

  • व्यापक राजनीतिक और सामाजिक सहमति आवश्यक होगी, जो फिलहाल नजर नहीं आती।

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RBI ने अफवाहों पर क्या कहा?

जब-जब इस तरह की खबरें सामने आईं, RBI ने साफ कहा:

  • नोटों से गांधीजी की तस्वीर हटाने का कोई प्रस्ताव नहीं

  • ऐसी खबरें पूरी तरह भ्रामक हैं

भारत में नोटों का संक्षिप्त इतिहास

  • 1949: पहली बार 1 रुपये का भारतीय नोट डिजाइन

  • 1950: 2, 5, 10 और 100 रुपये — अशोक स्तंभ के साथ

  • 1954: 1000, 2000 और 10,000 के नोट (1978 में बंद) (Indian Currency)

1969: पहली बार नोट पर छपी गांधीजी की तस्वीर

महात्मा गांधी के 100वें जन्मदिन पर:

  • पहली बार नोट पर गांधीजी की तस्वीर

  • पीछे सेवाग्राम आश्रम की छवि

इसके बाद:

  • 1996: महात्मा गांधी सीरीज (सुरक्षा फीचर्स के साथ)

  • 2016: 500-1000 नोट बंद

  • 2000 और 2000 रुपये के नए नोटों में भी गांधीजी की तस्वीर बरकरार

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