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India Employment 2026: भारत में 10 करोड़ नई नौकरियां, उद्योग जगत की नई पहल ‘हंड्रेड मिलियन जॉब्स’…

India Employment 2026: भारत में 10 करोड़ नई नौकरियां, उद्योग जगत की नई पहल ‘हंड्रेड मिलियन जॉब्स’...

India Employment 2026: देश में रोजगार सृजन को नई दिशा देने के लिए उद्योग जगत के दिग्गजों ने ‘हंड्रेड मिलियन जॉब्स’ नामक राष्ट्रीय पहल की शुरुआत की है। इस पहल का लक्ष्य अगले दशक में भारत में 10 करोड़ रोजगार के अवसर पैदा करना है। उद्योग और उद्यमिता के विशेषज्ञों ने यह कदम इसलिए उठाया है क्योंकि तेजी से बढ़ती जनसंख्या और आर्थिक विकास के बावजूद रोजगार की समस्या चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।

पहल के संस्थापक और उद्देश्यों की जानकारी

इस राष्ट्रीय मुहिम की घोषणा निम्नलिखित प्रमुख व्यक्तियों ने की:

  • हरीश मेहता – सॉफ्टवेयर उद्योग निकाय नैसकॉम के सह-संस्थापक

  • ए जे पटेल – वैश्विक उद्यमी नेटवर्क द इंडस एंटरप्रेन्योर्स (TIE) के संस्थापक

  • यतीश राजावतसेंटर फॉर इनोवेशन इन पब्लिक पॉलिसी (CIPP) के संस्थापक

उद्देश्य:

  • भारत में अगले दशक में 10 करोड़ नौकरियां सृजित करना

  • उद्यमिता और कौशल विकास के माध्यम से नवीन रोजगार अवसर पैदा करना

  • श्रम-प्रधान और विकेंद्रीकृत रोजगार सुनिश्चित करना

तेजी से बढ़ रही कार्यशील जनसंख्या

  • भारत में कार्यशील आयु की जनसंख्या हर साल लगभग 1.2 करोड़ बढ़ रही है

  • पारंपरिक रोजगार जैसे विनिर्माण क्षेत्रों का विस्तार धीमा है।

  • देश को हर साल 80-90 लाख नौकरियां सृजित करनी होंगी, ताकि जनसांख्यिकीय लाभांश का सही उपयोग हो सके।

चुनौती:

  • स्वचालन और कृत्रिम मेधा (AI) के कारण कई शुरुआती स्तर के पद कम हो रहे हैं।

  • आर्थिक वृद्धि के बावजूद रोजगार सृजन उतनी तेजी से नहीं बढ़ रहा। (India Employment 2026)

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‘हंड्रेड मिलियन जॉब्स’ मिशन कैसे काम करेगा

  • उद्यमिता, कौशल विकास और श्रम-प्रधान उद्यमों को केंद्र में रखकर रोजगार रणनीति तैयार की जाएगी।

  • मिशन का उद्देश्य रोजगार सृजन को आर्थिक वृद्धि का मुख्य मानक बनाना है।

  • हरीश मेहता के अनुसार, यह पहल उद्यमियों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSMEs) को सशक्त बनाने का प्रयास है।

ए जे पटेल ने बताया कि:

  • स्टार्टअप और लघु उद्योग भारत के GDP में लगभग 30% योगदान करते हैं।

  • इन उद्योगों का विस्तार केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं होना चाहिए।

  • ढांचागत बाधाओं को दूर करके उद्यमिता को आम लोगों के लिए व्यावहारिक साधन बनाया जाएगा।

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