Home Loan Tips 2026: अगर आप 2026 में पहला घर खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं या फिर पुराने होम लोन को दूसरे बैंक में ट्रांसफर करना चाहते हैं, तो सिर्फ कम ब्याज दर देखकर फैसला लेना भारी गलती हो सकती है। अधिकतर लोग EMI और Interest Rate तक ही सीमित रह जाते हैं, जबकि असली खर्च उन Hidden Charges में छिपा होता है, जो लोन एग्रीमेंट के छोटे अक्षरों में लिखे रहते हैं। यही चार्जेस धीरे-धीरे आपकी जेब पर भारी पड़ते हैं।
1️⃣ प्रोसेसिंग फीस और वैल्यूएशन चार्ज का पूरा हिसाब रखें
होम लोन की शुरुआत ही Processing Fee से होती है। बैंक या HFC (Housing Finance Company) लोन अप्रूवल, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और क्रेडिट चेक के लिए यह फीस लेती है।
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आमतौर पर यह लोन अमाउंट का एक प्रतिशत होती है
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प्रॉपर्टी की Legal Check और Technical Valuation की अलग फीस
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इसके अलावा Stamp Duty और Registration Charges भी बजट में शामिल करें
पहली बार घर खरीदने वाले अक्सर इन शुरुआती खर्चों को कम आंकते हैं, जो बाद में झटका देते हैं।
2️⃣ जल्दी लोन चुकाना हर बार फायदेमंद नहीं
लोन जल्दी चुकाने का इरादा अच्छा है, लेकिन हर लोन बिना खर्च के ऐसा करने नहीं देता।
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Floating Rate Loan पर आमतौर पर प्रीपेमेंट पेनल्टी नहीं होती
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Fixed या Hybrid Rate Loan में बैंक चार्ज वसूल सकता है
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आंशिक प्रीपेमेंट पर बैंक अक्सर EMI वही रखकर लोन अवधि घटा देता है
ग्राहक चाहें तो EMI कम कराने का विकल्प भी चुन सकते हैं, लेकिन इसकी जानकारी अक्सर नहीं दी जाती।
3️⃣ ब्याज दर बदलने पर भी देना पड़ता है चार्ज
जब बाजार में ब्याज दर घटती-बढ़ती है, तो बैंक Interest Rate Conversion का विकल्प देते हैं। लेकिन यह सुविधा मुफ्त नहीं होती।
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कन्वर्जन फीस आमतौर पर 0.25% से 0.5% तक होती है
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40 लाख रुपये के बकाया लोन पर यह खर्च ₹10,000–₹20,000 तक हो सकता है
इसलिए रेट बदलने से पहले यह जरूर देखें कि कुल मिलाकर वाकई बचत हो रही है या नहीं।
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4️⃣ बैलेंस ट्रांसफर हर बार फायदे का सौदा नहीं
कम ब्याज दर का ऑफर देखकर Home Loan Balance Transfer आकर्षक लगता है, लेकिन इसमें भी खर्च छिपा होता है।
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नया बैंक फिर से प्रोसेसिंग फीस लेता है
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प्रॉपर्टी की दोबारा वैल्यूएशन होती है
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पुराने लोन को बंद करने पर पेनल्टी भी लग सकती है
अगर ब्याज दर का अंतर बहुत कम है, तो ट्रांसफर करने से फायदा कम और झंझट ज्यादा हो सकता है। (Home Loan Tips 2026)
5️⃣ EMI लेट हुई तो क्रेडिट स्कोर पर पड़ेगा असर
EMI में थोड़ी-सी देरी भी भारी पड़ सकती है।
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लेट पेमेंट पर Penalty और Bounce Charges
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CIBIL Score खराब होने का खतरा
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भविष्य में लोन मिलना मुश्किल हो सकता है
इससे बचने के लिए Auto-Debit सुविधा और अकाउंट में पर्याप्त बैलेंस रखें।
6️⃣ बीमा के नाम पर अनावश्यक खर्च से बचें
होम लोन के साथ बीमा को लेकर सबसे ज्यादा कन्फ्यूजन होता है।
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Property Insurance अक्सर जरूरी होता है
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लेकिन Loan Protection Insurance लेना आपकी मर्जी पर निर्भर है
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कई बैंक एकमुश्त प्रीमियम लोन में जोड़ देते हैं, जिससे EMI बढ़ जाती है
आप बीमा कंपनी खुद चुन सकते हैं। सही तुलना से लिया गया Term Insurance लंबे समय में लाखों रुपये बचा सकता है।
CERSAI चार्ज: छोटी फीस, बड़ा फायदा
CERSAI चार्ज आपकी प्रॉपर्टी के मॉर्गेज को केंद्रीय सिस्टम में रजिस्टर करता है।
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इससे एक ही प्रॉपर्टी पर कई लोन लेने से रोक लगती है
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लोन खत्म होने के बाद एंट्री अपडेट होना जरूर चेक करें
वरना भविष्य में घर बेचने या दोबारा लोन लेने में दिक्कत आ सकती है।












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