𝚃𝚑𝚎 𝙽𝚒𝚝𝚢𝚊𝚖

📢 हर दिन की सच्चाई

Fertility Health: सब टेस्ट नॉर्मल, फिर भी नहीं ठहर रहा गर्भ? जानिए ‘एग-स्पर्म मिसमैच’ क्या है और कैसे मिल सकता है समाधान…

Fertility Health: सब टेस्ट नॉर्मल, फिर भी नहीं ठहर रहा गर्भ? जानिए ‘एग-स्पर्म मिसमैच’ क्या है और कैसे मिल सकता है समाधान...

Fertility Health: कई दंपत्तियों में सभी मेडिकल रिपोर्ट्स—हॉर्मोन, स्पर्म काउंट, ओव्यूलेशन—सामान्य होने के बावजूद गर्भधारण नहीं हो पाता। इस स्थिति को अक्सर Unexplained Infertility कहा जाता है। हालिया शोध इशारा करता है कि इसकी एक वजह एग और स्पर्म के बीच सूक्ष्म जैविक असंगति (Egg-Sperm Mismatch) भी हो सकती है।

क्या है ‘एग-स्पर्म मिसमैच’?

Stockholm University और University of Manchester से जुड़े शोधकर्ताओं के अध्ययन के अनुसार, समस्या हमेशा हॉर्मोनल गड़बड़ी या कम स्पर्म काउंट नहीं होती। कभी-कभी एग और स्पर्म के बीच माइक्रोबायोलॉजिकल स्तर पर अनुकूलता नहीं बनती, जिससे फर्टिलाइजेशन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती—भले ही दोनों पार्टनर क्लिनिकली स्वस्थ हों।

एग भी करता है “चयन”: कीमोएट्रैक्टेंट्स की भूमिका

शोध बताता है कि महिला का एग निष्क्रिय नहीं होता। वह कीमोएट्रैक्टेंट्स नामक केमिकल सिग्नल छोड़ता है, जो कुछ स्पर्म को अधिक आकर्षित करते हैं और कुछ को कम। अगर किसी पुरुष के स्पर्म इन सिग्नल्स के साथ तालमेल नहीं बैठा पाते, तो गर्भधारण की संभावना घट सकती है।

महत्वपूर्ण: यह कारण सामान्य ब्लड टेस्ट, अल्ट्रासाउंड या रूटीन फर्टिलिटी जांच में अक्सर दिखाई नहीं देता। (Fertility Health)

जब रिपोर्ट्स सामान्य हों, तब आगे क्या?

यदि:

  • हॉर्मोन स्तर सामान्य हैं

  • स्पर्म काउंट व मोटिलिटी ठीक है

  • ओव्यूलेशन नियमित है

फिर भी 12 महीनों (या 35+ उम्र में 6 महीनों) तक गर्भधारण न हो, तो फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट से विस्तृत परामर्श लें। विशेषज्ञ उन्नत जांच—जैसे फर्टिलाइजेशन क्षमता का आकलन, इम्यूनोलॉजिकल फैक्टर्स—पर विचार कर सकते हैं।

Also Read- Daily Stress Tips: माइक्रो स्ट्रेस क्या है? रोज़ की छोटी टेंशन कैसे चुपचाप बिगाड़ रही है आपकी सेहत…

क्या IVF बन सकता है समाधान?

In Vitro Fertilisation (IVF) ऐसे मामलों में मददगार हो सकता है। इस प्रक्रिया में:

  • एग और स्पर्म को लैब में नियंत्रित वातावरण में मिलाया जाता है

  • प्राकृतिक बाधाओं को कम किया जाता है

  • सफल फर्टिलाइजेशन की संभावना बढ़ाई जाती है

कुछ स्थितियों में ICSI (एक स्पर्म को सीधे एग में प्रविष्ट कराना) जैसी तकनीकें भी उपयोगी हो सकती हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *