Digital Wellness: आज के डिजिटल दौर में स्मार्टफोन और लैपटॉप हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं। लेकिन अब एक नई रिसर्च ने चेतावनी दी है कि जरूरत से ज्यादा स्क्रीन टाइम युवाओं की सेहत, खासकर दिल के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
6 घंटे से ज्यादा स्क्रीन टाइम क्यों खतरनाक?
American College of Cardiology की स्टडी के अनुसार:
- रोजाना 6 घंटे से ज्यादा स्क्रीन टाइम रखने वालों में
- ब्लड प्रेशर (BP) ज्यादा पाया गया
- बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ
- BMI (मोटापा) में वृद्धि
यानी ज्यादा देर तक बैठकर मोबाइल/लैपटॉप चलाना सीधे तौर पर हार्ट हेल्थ को प्रभावित करता है।
कैसे बढ़ता है हार्ट डिजीज का खतरा?
लंबे समय तक स्क्रीन देखने से:
- फिजिकल एक्टिविटी कम हो जाती है
- मोटापा तेजी से बढ़ता है
- कोलेस्ट्रॉल लेवल बिगड़ता है
- हाई BP की समस्या शुरू हो जाती है
ये सभी मिलकर Heart Disease का खतरा बढ़ाते हैं।
स्क्रीन टाइम के साथ बढ़ रहा निकोटीन का इस्तेमाल
रिसर्च में यह भी सामने आया कि जिन लोगों का स्क्रीन टाइम ज्यादा था, उनमें निकोटीन (स्मोकिंग/वेपिंग) का उपयोग भी ज्यादा देखा गया। यानी स्क्रीन टाइम सिर्फ एक समस्या नहीं, बल्कि कई खराब आदतों को भी बढ़ावा दे रहा है। (Digital Wellness)
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किन लोगों को सबसे ज्यादा खतरा?
- जो रोजाना 6+ घंटे स्क्रीन पर बिताते हैं
- जो एक्सरसाइज नहीं करते
- जो लंबे समय तक बैठे रहते हैं
एक्सपर्ट्स के अनुसार हफ्ते में कम से कम 4 दिन एक्सरसाइज जरूरी है, वरना जोखिम और बढ़ सकता है।
डिजिटल वेलनेस क्यों जरूरी?
डॉक्टरों का मानना है कि अब स्क्रीन टाइम को भी हेल्थ चेकअप का हिस्सा बनाना चाहिए।
- स्क्रीन टाइम कम करें
- नियमित एक्सरसाइज करें
- हर 1 घंटे में ब्रेक लें
- डिजिटल डिटॉक्स अपनाएं














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