Dattatreya Jayanti 2025: दत्तात्रेय जयंती सनातन धर्म का बेहद पावन पर्व है। मान्यता है कि इसी दिन ब्रह्मा, विष्णु और महेश—तीनों देवताओं के संयुक्त अवतार भगवान दत्तात्रेय का प्राकट्य हुआ था। मार्गशीर्ष मास की पूर्णिमा तिथि को यह जयंती पूरे श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जाती है। ऐसा माना जाता है कि भगवान दत्तात्रेय की पूजा करने से त्रिदेवों का आशीर्वाद एक साथ प्राप्त होता है और जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ती है।
दत्तात्रेय जयंती 2025 कब है?
मार्गशीर्ष पूर्णिमा तिथि—
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शुरुआत: 4 दिसंबर 2025, सुबह 08:37 बजे
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समापन: 5 दिसंबर 2025, सुबह 04:43 बजे
इस आधार पर दत्तात्रेय जयंती 2025 का पर्व 4 दिसंबर 2025, गुरुवार को मनाया जाएगा।
शुभ मुहूर्त
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ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:14 बजे से 06:06 बजे तक
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गोधूलि मुहूर्त: शाम 05:58 बजे से 06:24 बजे तक
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अमृत काल: दोपहर 12:20 बजे से 01:58 बजे तक
इस दिन अभिजित मुहूर्त उपलब्ध नहीं रहेगा।
पूजा-विधि (Step-by-Step Puja Vidhi)
1. ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें
शरीर और मन को शुद्ध कर व्रत-पूजा का संकल्प लें।
2. पूजा स्थल तैयार करें
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लकड़ी का पाटा रखें
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उस पर लाल कपड़ा बिछाएं
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भगवान दत्तात्रेय की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें
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3. भगवान को अर्पण करें
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फूल, अक्षत और माला चढ़ाएं
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शुद्ध घी का दीपक जलाएं
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गुलाल, चंदन, अबीर, जनेऊ आदि चढ़ाएं (Dattatreya Jayanti 2025)
4. विधि-विधान से आरती करें
भगवान को मनपसंद भोग लगाएं और परिवार सहित पूजा संपन्न करें।
5. दान-पुण्य करें
सक्षमता अनुसार गरीबों को भोजन, वस्त्र, अनाज आदि दें। इससे भगवान की विशेष कृपा प्राप्त होती है।















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