Budget 2026 Expectations: हर साल बजट से पहले मिडिल क्लास टैक्सपेयर्स की निगाहें सरकार पर टिक जाती हैं। बीते कुछ वर्षों में टैक्स सिस्टम में बड़े बदलाव हुए हैं और नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) को सरल और कम टैक्स रेट वाला बताया गया है। यही वजह है कि वित्त वर्ष 2024-25 में करीब 72% करदाताओं ने नई टैक्स व्यवस्था को चुना।
हालांकि, आज भी एक बड़ा वर्ग पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) पर भरोसा करता है, क्योंकि इसमें बचत, बीमा और होम लोन जैसी कई अहम कटौतियों का फायदा मिलता है। समस्या यह है कि महंगाई तेजी से बढ़ी है, लेकिन टैक्स छूट की सीमाएं वर्षों से जमी हुई हैं। ऐसे में Budget 2026 से उम्मीदें और भी बढ़ गई हैं।
10 साल से नहीं बदली 80C की सीमा, अब बढ़ोतरी की मांग तेज
सेक्शन 80C टैक्स बचत का सबसे लोकप्रिय विकल्प माना जाता है। इसके तहत:
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PPF
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ELSS म्यूचुअल फंड
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बच्चों की ट्यूशन फीस
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LIC
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होम लोन का प्रिंसिपल
जैसे निवेशों पर टैक्स छूट मिलती है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि ₹1.5 लाख की सीमा साल 2014 से अब तक नहीं बदली है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बीते 10 सालों में:
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सैलरी बढ़ी
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खर्च बढ़े
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महंगाई कई गुना बढ़ी
ऐसे में 80C की लिमिट को बढ़ाकर ₹3 लाख करना अब समय की जरूरत बन चुका है। इससे न केवल टैक्सपेयर्स को राहत मिलेगी, बल्कि देश में लॉन्ग-टर्म सेविंग्स और निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।
होम लोन पर ब्याज राहत अब नाकाफी, सीमा बढ़ाने की मांग
- घर खरीदना आज के समय में बेहद महंगा सौदा हो गया है।
- प्रॉपर्टी की कीमतें और होम लोन की EMI लगातार बढ़ रही हैं।
फिलहाल:
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होम लोन ब्याज पर ₹2 लाख तक की टैक्स छूट मिलती है
लेकिन बढ़ते ब्याज बोझ के सामने यह राहत बहुत कम लगती है। (Budget 2026 Expectations)
अब मांग उठ रही है कि:
- इस लिमिट को ₹3 लाख तक बढ़ाया जाए
- और यह छूट नई टैक्स व्यवस्था में भी लागू की जाए
अगर ऐसा होता है, तो यह मिडिल क्लास होम बायर्स के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।
महंगे इलाज के दौर में 80D की लिमिट भी पुरानी
हेल्थ इंश्योरेंस से जुड़ी धारा 80D भी आज की मेडिकल महंगाई के मुकाबले कमजोर पड़ रही है।
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वर्तमान लिमिट:
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खुद और परिवार के लिए: ₹25,000
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सीनियर सिटीजन माता-पिता के लिए: ₹50,000
आज अस्पताल का एक छोटा इलाज भी हजारों में चला जाता है। ऐसे में हेल्थ इंश्योरेंस पर मिलने वाली टैक्स छूट को बढ़ाना बेहद जरूरी हो गया है। लिमिट बढ़ने से आम आदमी को इलाज के लिए कर्ज या बचत तोड़ने से राहत मिल सकती है।
रिटायरमेंट प्लानिंग: NPS की छूट बढ़े तो बुढ़ापा होगा सुरक्षित
सेक्शन 80CCD(1B) के तहत NPS में निवेश पर मिलने वाली ₹50,000 की अतिरिक्त छूट भी अब अपर्याप्त मानी जा रही है।
विशेषज्ञों की राय है कि:
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इसे बढ़ाकर ₹1 लाख किया जाना चाहिए
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इससे लोग रिटायरमेंट के लिए ज्यादा निवेश करेंगे
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और भविष्य में पेंशन पर निर्भरता घटेगी
Budget 2026 से मिडिल क्लास की बड़ी उम्मीदें
कुल मिलाकर, Budget 2026 में अगर सरकार:
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80C की लिमिट ₹3 लाख करती है
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होम लोन ब्याज राहत बढ़ाती है
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हेल्थ इंश्योरेंस और NPS पर अतिरिक्त छूट देती है
तो यह मिडिल क्लास के लिए बड़ा टैक्स गिफ्ट साबित हो सकता है।
अब सभी की निगाहें वित्त मंत्री के बजट भाषण पर टिकी हैं।












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