Vastu Tips: वास्तु शास्त्र के अनुसार दीवार पर लगी घड़ी केवल समय दिखाने का साधन नहीं है, बल्कि यह घर की ऊर्जा, तरक्की और रिश्तों को भी प्रभावित करती है।
अक्सर लोग मेहनत करते हैं, पर मनचाहा फल नहीं मिलता—ऐसे में वास्तु दोष इसका कारण बन सकता है।
यदि घड़ी गलत दिशा में लगी है या खराब है, तो जीवन में रुकावटें, तनाव और नकारात्मक ऊर्जा बढ़ जाती है।
इसलिए दीवार घड़ी लगाते समय वास्तु नियमों का पालन करना बेहद आवश्यक है।
दक्षिण दिशा—घड़ी लगाने के लिए सबसे अशुभ दिशा
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दक्षिण दिशा यम दिशा मानी जाती है।
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इस दिशा में घड़ी लगाने से सफलता की गति धीमी होती है।
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करियर, बिजनेस और तरक्की में रुकावटें बढ़ सकती हैं।
➡ अगर घर की दक्षिण दिशा में घड़ी लगी है, तो उसे तुरंत हटा दें।
मुख्य द्वार पर घड़ी लगाना वास्तु दोष
वास्तु शास्त्र के मुताबिक प्रवेश द्वार पर घड़ी लगाना:
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घर की ऊर्जा के प्रवाह को रोकता है
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परिवार के माहौल में अस्थिरता लाता है
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घर आने-जाने वाले लोगों की सकारात्मक ऊर्जा बाधित करता है
इसलिए घर के मेन डोर पर घड़ी लगाना पूरी तरह वर्जित है।
टूटी या बंद घड़ी—नकारात्मक ऊर्जा का कारण
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बंद, टूटी या बहुत धीमी घड़ी जीवन में ठहराव, रुकावट और निराशा लाती है
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व्यवसाय और करियर में प्रगति रुक जाती है
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घर की सकारात्मक ऊर्जा कमजोर पड़ जाती है
➡ ऐसी घड़ी को तुरंत बदल देना चाहिए।
घड़ी लगाने के लिए सबसे शुभ दिशाएँ
वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, ये दिशाएँ सबसे शुभ मानी जाती हैं:
✔ उत्तर (North Direction)
धन, तरक्की और अवसरों में वृद्धि होती है।
✔ पूर्व (East Direction)
मान–सम्मान बढ़ता है और नई ऊर्जा मिलती है।
✔ पश्चिम (West Direction)
घर में स्थिरता, शांति और संतुलन आता है।
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सबसे शुभ आकार
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गोल (Round)
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अंडाकार (Oval)
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अष्टकोणीय (Octagonal)
ये आकार सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाते हैं और घर की वाइब्स को मजबूत करते हैं।















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