Pashmina Shawl: कश्मीर को धरती का स्वर्ग कहा जाता है — और वहीं की सबसे अनमोल धरोहरों में से एक है पश्मीना शॉल। ये सिर्फ कपड़ा नहीं, बल्कि सदियों पुरानी बुनाई की कला है जो नर्मी, गर्माहट और रॉयल लुक के लिए जानी जाती है। कहते हैं, असली पश्मीना इतनी हल्की होती है कि अंगूठी के छल्ले से भी गुजर जाती है।
चान्थांगी बकरी से मिलता है असली पश्मीना फाइबर
- असली पश्मीना किसी साधारण ऊन से नहीं बनती।
- इसे तैयार किया जाता है चान्थांगी बकरी (Changthangi Goat) के महीन बालों से — जो हिमालय के ऊँचे बर्फीले इलाकों (14,000 फीट से ऊपर) में पाई जाती है।
- इन बकरियों के शरीर पर दो परतों में बाल होते हैं — एक मोटी बाहरी लेयर और दूसरी अंदर की अत्यंत मुलायम फाइबर लेयर, जिससे पश्मीना तैयार होती है।
एक शॉल बनाने में लगते हैं 3 से 6 महीने
असली पश्मीना शॉल तैयार करना आसान नहीं है।
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पहले ऊन को हाथों से साफ किया जाता है
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फिर धागों में काता जाता है
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और आखिर में हाथ करघे पर बारीकी से बुना जाता है।
एक शॉल को तैयार करने में 3 से 6 महीने तक का समय लग सकता है।
इसीलिए असली पश्मीना की कीमत इतनी ऊँची होती है।
मशीन नहीं, हाथों से बनती है असली पश्मीना
- मार्केट में अब कई नकली पश्मीना शॉल्स मशीन से बनती हैं, लेकिन असली पश्मीना हैंडवोवन (Handmade) होती है।
- कश्मीरी बुनकर पारंपरिक करघे का इस्तेमाल कर इसे बनाते हैं, जिससे हर शॉल एक अनूठा कलात्मक मास्टरपीस बन जाती है।
कढ़ाई में झलकता है कश्मीर का शिल्प
असली पश्मीना शॉल पर की जाने वाली कढ़ाई इसकी खूबसूरती को कई गुना बढ़ा देती है।
मुख्यतः दो तरह की कढ़ाई की जाती है —
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सोजनी कढ़ाई: रेशमी धागों से फूल-पत्तियों जैसे पैटर्न बनाए जाते हैं।
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कानी बुनाई: लकड़ी की छोटी कांटियों से रंगीन डिजाइन बुनी जाती है।
हर पश्मीना शॉल की कढ़ाई उसे यूनिक पहचान देती है।
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सर्दी में देती है गर्माहट और आराम
- भले ही पश्मीना शॉल बेहद पतली और हल्की होती है, लेकिन यह शरीर के तापमान को संतुलित रखती है।
- इसकी खासियत है कि ये ठंड में शरीर को गर्म रखती है और आरामदायक अनुभव देती है।
- इसीलिए इसे “विंटर क्वीन ऑफ फैब्रिक” कहा जाता है। (Pashmina Shawl)
कैसे पहचानें असली पश्मीना शॉल?
- आजकल मार्केट में नकली पश्मीना की भरमार है।
- शॉल को अंगूठी से निकालें — अगर बिना अटके निकल जाए तो असली है।
- असली पश्मीना हमेशा हल्की, गर्म और हैंडमेड होती है।















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