Chandra Grahan 2026: 3 मार्च 2026 को फाल्गुन पूर्णिमा के दिन साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। यह ग्रहण दोपहर 03:20 बजे शुरू होकर शाम 06:46 बजे तक रहेगा। यह भारत में भी दिखाई देगा, इसलिए इसका सूतक काल मान्य रहेगा। ज्योतिष मान्यता के अनुसार यह ग्रहण सिंह राशि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में लगेगा, जिसका प्रभाव विभिन्न मूलांकों और राशियों पर अलग-अलग पड़ सकता है।
चंद्र ग्रहण 2026 का समय और सूतक काल
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ग्रहण प्रारंभ: 03:20 बजे दोपहर
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ग्रहण समाप्त: 06:46 बजे शाम
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भारत में दृश्य: हां
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सूतक काल: मान्य रहेगा
ग्रहण का प्रभाव मानसिक स्थिति, पारिवारिक संबंध और स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।
इन तारीखों में जन्मे लोगों के लिए अशुभ संकेत
मूलांक 2 वाले (जन्म तारीख: 2, 11, 20, 29)
जिन लोगों का जन्म किसी भी महीने की 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, उनका मूलांक 2 होता है और इसका स्वामी चंद्रमा माना जाता है।
संभावित प्रभाव:
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मानसिक तनाव और भावनात्मक उतार-चढ़ाव
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स्वास्थ्य में गिरावट
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परिवार या दोस्तों से विवाद
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बेवजह आरोप या गलतफहमी
चंद्र ग्रहण सीधे चंद्रमा से संबंधित होने के कारण इन लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
मूलांक 5 वाले (जन्म तारीख: 5, 14, 23)
जिनका जन्म 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है, उनका मूलांक 5 होता है और इसका स्वामी बुध ग्रह है।
संभावित प्रभाव:
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मानसिक अस्थिरता
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सामाजिक छवि पर असर
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आर्थिक मामलों में तनाव
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निर्णय लेने में भ्रम (Chandra Grahan 2026)
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ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें?
क्या करें
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घर में रहें और इष्टदेव का स्मरण करें
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मंत्र जाप या ध्यान करें
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ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान करें
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जरूरतमंदों को दान करें
क्या न करें
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ग्रहण काल में भोजन न करें
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नुकीली या कांटेदार वस्तुओं का उपयोग न करें
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अनावश्यक यात्रा से बचें
ग्रहण क्या सभी के लिए अशुभ है?
ज्योतिष के अनुसार ग्रहण का प्रभाव व्यक्ति की कुंडली, राशि और ग्रह स्थिति पर निर्भर करता है। कुछ लोगों के लिए यह सकारात्मक परिवर्तन भी ला सकता है, जबकि कुछ के लिए चुनौतियां बढ़ा सकता है। ऐसे में घबराने के बजाय सावधानी और सकारात्मक सोच अपनाना बेहतर होता है।














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