𝚃𝚑𝚎 𝙽𝚒𝚝𝚢𝚊𝚖

📢 हर दिन की सच्चाई

Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या पर करें ये खास उपाय, पितृ दोष से मिलेगी मुक्ति और पितरों का आशीर्वाद…

Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या पर करें ये खास उपाय, पितृ दोष से मिलेगी मुक्ति और पितरों का आशीर्वाद...

Mauni Amavasya 2026: सनातन धर्म में अमावस्या तिथि को अत्यंत पावन माना गया है। हर माह आने वाली अमावस्या में माघ मास की अमावस्या का विशेष महत्व है, जिसे मौनी अमावस्या या माघी अमावस्या कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन गंगा जल अमृत के समान पवित्र हो जाता है और गंगा स्नान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। मौनी अमावस्या पर प्रयागराज के त्रिवेणी संगम में स्नान के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस दिन स्नान-दान और पूजा-पाठ के साथ-साथ पितरों की शांति और पितृ दोष निवारण के लिए विशेष उपाय किए जाते हैं।

मौनी अमावस्या 2026 कब है? (Mauni Amavasya 2026 Date & Time)

वैदिक पंचांग के अनुसार:

  • माघ अमावस्या तिथि प्रारंभ: 18 जनवरी 2026, सुबह 12:03 बजे

  • अमावस्या तिथि समाप्त: 19 जनवरी 2026, सुबह 1:21 बजे

इस प्रकार मौनी अमावस्या 18 जनवरी 2026, रविवार को मनाई जाएगी। इसी दिन गंगा स्नान, दान-पुण्य और पितृ तर्पण का विशेष महत्व रहेगा।

मौनी अमावस्या पर पितृ दोष से मुक्ति के प्रभावी उपाय

1️⃣ पितरों का तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान करें

  • मौनी अमावस्या के दिन पवित्र नदी में स्नान कर पितरों का तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
  • इससे पितृ दोष से मुक्ति मिलती है और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

2️⃣ पितरों को भोजन अर्पित करें

  • धार्मिक मान्यता है कि अमावस्या के दिन पितृ लोक से पितर पृथ्वी पर आते हैं
  • इस दिन व्रत रखकर ब्राह्मण, गरीब या जरूरतमंद को भोजन कराना चाहिए और पितरों के नाम से अन्न दान करना चाहिए।

Also Read- Sarangpur Hanuman Temple: कष्टभंजन हनुमान जी के दरबार में अंबानी परिवार, जानिए क्यों चमत्कारी है यह धाम…

3️⃣ गंगा या पवित्र नदी में स्नान करें

  • मौनी अमावस्या पर गंगा, यमुना या किसी भी पवित्र नदी में स्नान करने से पापों का नाश होता है और पितरों को शांति मिलती है।
  • प्रयागराज संगम स्नान का विशेष फल बताया गया है। (Mauni Amavasya 2026)

4️⃣ पीपल के वृक्ष के नीचे दीपक जलाएं

  • शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
  • मान्यता है कि पीपल में देवताओं और पितरों का वास होता है।
  • इससे पितरों की आत्मा को शांति और परिवार में सुख-समृद्धि आती है।

5️⃣ दान-पुण्य अवश्य करें

  • इस दिन काले तिल, अन्न, वस्त्र, कंबल और दक्षिणा का दान करना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।
  • इससे पितृ दोष, दरिद्रता और ग्रह दोष दूर होते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *