𝚃𝚑𝚎 𝙽𝚒𝚝𝚢𝚊𝚖

📢 हर दिन की सच्चाई

Winter Care Tips: नवजात शिशु में ठंड लगने के ये खतरनाक संकेत न करें नजरअंदाज, तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें..

Winter Care Tips: नवजात शिशु में ठंड लगने के ये खतरनाक संकेत न करें नजरअंदाज, तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें..

Winter Care Tips: देश के कई हिस्सों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ऐसे मौसम में जहां वयस्कों को सावधानी बरतने की जरूरत होती है, वहीं नवजात शिशुओं के लिए ठंड जानलेवा साबित हो सकती है। नवजात बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहद कमजोर होती है, जिससे वे जल्दी सर्दी-जुकाम और हाइपोथर्मिया का शिकार हो सकते हैं। क्योंकि शिशु अपनी परेशानी बता नहीं पाते, इसलिए माता-पिता को उनके व्यवहार और शरीर में होने वाले छोटे बदलावों पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। समय रहते लक्षण पहचान लेने से गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है।

नवजात शिशु में ठंड लगने के प्रमुख लक्षण

एम्स दिल्ली के पीडियाट्रिक विशेषज्ञों के अनुसार, नवजात शिशु में ठंड लगने पर कई चेतावनी संकेत दिखाई दे सकते हैं। इनमें शामिल हैं:

1. हाथ-पैर और शरीर का अत्यधिक ठंडा होना

अगर शिशु के हाथ-पैर बार-बार ठंडे महसूस हों या शरीर का तापमान सामान्य से कम हो जाए, तो यह ठंड लगने का संकेत हो सकता है।

2. त्वचा का रंग बदलना

शिशु की त्वचा का पीला, नीला या सफेद पड़ना गंभीर लक्षण माना जाता है, जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

3. सुस्ती और कमजोरी

ठंड लगने पर बच्चा जरूरत से ज्यादा सुस्त हो सकता है, कम रोता है या उसकी रोने की आवाज कमजोर हो जाती है।

4. दूध ठीक से न पीना

अगर बच्चा स्तनपान या फीड लेने में रुचि न दिखाए, बार-बार दूध छोड़ दे या कम मात्रा में पिए, तो सतर्क हो जाएं।

5. सांस तेज चलना या नाक बंद रहना

तेज सांस चलना, बार-बार छींक आना, नाक बंद होना या सांस लेते समय आवाज आना भी ठंड के संकेत हो सकते हैं।

इनमें से कोई भी लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना जरूरी है। (Winter Care Tips)

ठंड के मौसम में नवजात शिशु की सही देखभाल कैसे करें?

सर्दियों में नवजात की देखभाल में थोड़ी-सी लापरवाही भी गंभीर समस्या बन सकती है। इन बातों का जरूर ध्यान रखें:

शिशु को संतुलित गर्म रखें

बच्चे को गर्म कपड़े पहनाएं, लेकिन जरूरत से ज्यादा परतें न डालें। बहुत अधिक गर्मी भी नुकसानदायक हो सकती है।

Also Read- Cold Feet in Winter & Diabetes: सर्दियों में पैर क्यों रहते हैं ठंडे? कहीं डायबिटीज का संकेत तो नहीं, एक्सपर्ट से जानें पूरी सच्चाई…

कमरे का तापमान नियंत्रित रखें

कमरे में ठंडी हवा न आने दें और तापमान संतुलित बनाए रखें। पंखा या एसी सीधे शिशु पर न चलाएं।

नियमित स्तनपान कराएं

मां का दूध नवजात के लिए सबसे सुरक्षित और पौष्टिक होता है। यह बच्चे की इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करता है।

नहलाने के बाद तुरंत सुखाएं

नहाने के तुरंत बाद शिशु को अच्छे से सुखाकर गर्म कपड़े पहनाएं ताकि शरीर ठंडा न हो।

हल्की धूप फायदेमंद

सुबह की हल्की धूप में कुछ देर शिशु को बैठाना लाभकारी हो सकता है, लेकिन तेज ठंडी हवा से बचाव जरूरी है।

इन जरूरी बातों का भी रखें खास ध्यान

  • शिशु को ठंडी हवा और पंखे से दूर रखें

  • हाथ-पैर और शरीर का तापमान बार-बार जांचते रहें

  • भीड़भाड़ वाली जगहों पर ले जाने से बचें

  • किसी भी दवा या घरेलू नुस्खे का खुद से प्रयोग न करें

  • डॉक्टर की सलाह को प्राथमिकता दें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *