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Sarangpur Hanuman Temple: कष्टभंजन हनुमान जी के दरबार में अंबानी परिवार, जानिए क्यों चमत्कारी है यह धाम…

Sarangpur Hanuman Temple: कष्टभंजन हनुमान जी के दरबार में अंबानी परिवार, जानिए क्यों चमत्कारी है यह धाम...

Sarangpur Hanuman Temple: गुजरात के बोटाद जिले में स्थित श्री कष्टभंजन देव हनुमानजी मंदिर, सारंगपुर एक बार फिर सुर्खियों में है। देश के जाने-माने उद्योगपति मुकेश अंबानी हाल ही में अपने पुत्र अनंत अंबानी के साथ यहां दर्शन के लिए पहुंचे। दोनों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और देश की उन्नति की कामना की। दर्शन के बाद मुकेश अंबानी ने मंदिर ट्रस्ट को ₹5 करोड़ का दान देने की घोषणा की। यह राशि मंदिर विकास, भक्त सुविधाओं और सामाजिक कार्यों में उपयोग की जाएगी। खास बात यह है कि अंबानी परिवार का इस पौराणिक मंदिर से जुड़ाव पहले भी रहा है।

कहां स्थित है सारंगपुर का कष्टभंजन मंदिर?

श्री कष्टभंजन देव हनुमानजी मंदिर गुजरात के बोटाद जिले के सारंगपुर गांव में स्थित है। यह मंदिर पूरे भारत में संकट निवारण और विशेष धार्मिक मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध है।

कष्टभंजन देव: हर पीड़ा को हरने वाले हनुमान जी

सारंगपुर के हनुमान जी को कष्टभंजन देव कहा जाता है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से दर्शन करने मात्र से

  • मानसिक तनाव

  • शारीरिक कष्ट

  • अदृश्य बाधाएं

  • जीवन की बड़ी परेशानियां

दूर हो जाती हैं। इसी कारण देश-विदेश से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।

हनुमान जी के चरणों में विराजमान शनिदेव

यह मंदिर दुनिया में इकलौता माना जाता है, जहां हनुमान जी के चरणों में शनिदेव स्त्री रूप में विराजमान हैं। (Sarangpur Hanuman Temple)

पौराणिक मान्यता:

कथाओं के अनुसार, शनिदेव के प्रकोप से पीड़ित भक्तों की रक्षा हनुमान जी ने की थी। इसके बाद शनिदेव ने क्षमा मांगकर स्त्री रूप धारण किया और हनुमान जी के चरणों में स्थान पाया। मान्यता है कि यहां दर्शन से शनि दोष और साढ़े साती का प्रभाव कम हो जाता है

नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति का विश्वास

लोक मान्यताओं के अनुसार,

  • भूत-प्रेत बाधा

  • बुरी नजर

  • मानसिक अशांति

से पीड़ित लोग यहां आकर राहत पाते हैं। मंदिर की आरती और हनुमान चालीसा पाठ को अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है।

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सोने का सिंहासन और दिव्य श्रृंगार

सारंगपुर में हनुमान जी महाराजाधिराज के स्वरूप में विराजमान हैं।

  • हनुमान जी को स्वर्ण सिंहासन पर विराजित किया गया है

  • प्रतिदिन अलग-अलग विशेष श्रृंगार (काजू, बादाम, चांदी-सोना और रत्नों से) किया जाता है

  • यह दृश्य भक्तों को अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव देता है

मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा से जुड़ी अद्भुत कथा

माना जाता है कि इस मंदिर में हनुमान जी की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा स्वामीनारायण संप्रदाय के महान संत श्री गोपालानंद स्वामी ने की थी। लोककथा के अनुसार, जब उन्होंने प्रतिष्ठा के दौरान छड़ी से स्पर्श किया, तो मूर्ति में कंपन होने लगा, जैसे उसमें स्वयं हनुमान जी का वास हो गया हो। तभी से यह मंदिर चमत्कारी माना जाता है।

क्यों आते हैं बड़े उद्योगपति और सेलिब्रिटी?

  • गहरी धार्मिक आस्था

  • संकट निवारण की मान्यता

  • शांति और सकारात्मक ऊर्जा

  • ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व

इसी वजह से अंबानी परिवार सहित कई बड़े उद्योगपति और श्रद्धालु यहां समय-समय पर दर्शन के लिए आते हैं।

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