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New Labour Codes: नौकरी चाहने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी, भर्ती नियमों में बदलाव से खुलेंगे नए मौके…

New Labour Codes: नौकरी चाहने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी, भर्ती नियमों में बदलाव से खुलेंगे नए मौके...

New Labour Codes 2026: भारत के जॉब मार्केट में जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। नए लेबर कोड्स लागू होने के साथ ही भर्ती प्रक्रिया आसान, कंपनियों को ज्यादा लचीलापन और युवाओं के लिए तेजी से नौकरियां मिलने की उम्मीद है। खासकर मैन्युफैक्चरिंग, MSME और सर्विस सेक्टर में यह बदलाव गेमचेंजर साबित हो सकता है।

300 कर्मचारियों तक की कंपनियों को मिली बड़ी राहत

नए Industrial Relations Code के तहत अब तक लागू 100 कर्मचारियों की सीमा बढ़ाकर 300 कर्मचारी कर दी गई है।

  • पहले: 100+ कर्मचारियों पर छंटनी/बंद करने से पहले सरकारी अनुमति जरूरी

  • अब: 300 से कम कर्मचारियों वाली कंपनियां बिना अनुमति स्टाफ बढ़ा-घटा सकेंगी

नतीजा: कंपनियां जोखिम के डर के बिना भर्ती करेंगी, जिससे जॉब ओपनिंग्स बढ़ेंगी।

किन सेक्टर्स में आएगी नौकरियों की बाढ़?

लेबर-इंटेंसिव सेक्टर्स को सबसे ज्यादा फायदा होगा, जैसे—

  • टेक्सटाइल और गारमेंट्स

  • ऑटो कंपोनेंट्स

  • फूड प्रोसेसिंग

  • कंस्ट्रक्शन

  • इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग

  • लॉजिस्टिक्स और हॉस्पिटैलिटी

  • IT स्टार्टअप्स और MSMEs

विशेषज्ञों के मुताबिक, कंपनियां अब सीजन और डिमांड के हिसाब से स्टाफ रख सकेंगी, जिससे त्वरित भर्तियां संभव होंगी। (New Labour Codes 2026)

MSME और मझोली कंपनियों के लिए संजीवनी

पूर्व श्रम एवं रोजगार सचिव सुमिता दावरा के अनुसार, यह बदलाव खासतौर पर MSME और मिड-साइज कंपनियों के लिए फायदेमंद है।

  • बाजार की मांग के मुताबिक हायरिंग

  • ऑपरेशंस का तेज विस्तार

  • निवेश आकर्षित करने में मदद

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कंपनियां अब बिना डर बढ़ा सकेंगी कारोबार

EY इंडिया के विशेषज्ञ सोनू अय्यर मानते हैं कि 100 की सीमा का डर खत्म होने से नियोक्ताओं का भरोसा बढ़ेगा।

  • ऑपरेशंस स्केल करना आसान

  • कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स की भर्ती में तेजी

  • राज्यों को सीमा बढ़ाने की छूट से निवेश बढ़ने की संभावना

क्या नौकरी की सुरक्षा पर पड़ेगा असर?

इस बदलाव का दूसरा पहलू भी समझना जरूरी है। कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि—

  • Hiring & Firing आसान होने से जॉब सिक्योरिटी घट सकती है

  • टर्नओवर बढ़ने का जोखिम

  • शॉर्ट-टर्म जॉब्स का चलन बढ़ सकता है

हालांकि समर्थकों का मानना है कि बढ़ी हुई नौकरियों से कुल मिलाकर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

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